News Sports Sarkari Jobs Entrainment
Automobile Yojana Smartphone Technology

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां: एक की सिर्फ 7 यूनिट बिकीं, ये लिस्ट चौंका देगी!

By Anuj
On: March 10, 2026 12:29 AM
Follow Us:
2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां: एक की सिर्फ 7 यूनिट बिकीं, ये लिस्ट चौंका देगी!

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों की बात करें तो कुछ नाम ऐसे हैं जो सुनकर हैरानी होती है। एक तरफ Maruti Suzuki, Hyundai, Mahindra और Tata की गाड़ियां लाखों यूनिट बेच रही थीं, वहीं दूसरी तरफ कुछ गाड़ियां पूरे साल में 500 यूनिट का आंकड़ा भी नहीं छू पाईं। इन गाड़ियों में से एक की तो पूरे साल भर में मात्र 5 यूनिट ही बिकीं — और वो भी कीमत कम करने के बाद। इस लेख में हम उन्हीं गाड़ियों की बात करेंगे जो 2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों की फेहरिस्त में शामिल हैं।

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां: एक की सिर्फ 7 यूनिट बिकीं, ये लिस्ट चौंका देगी!

 

Contents hide

1. Citroen C5 Aircross — पूरे साल में सिर्फ 5 यूनिट!

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों में Citroen C5 Aircross का नाम सबसे ऊपर है। फ्रांस के इस ब्रांड ने भारतीय बाज़ार में अपनी जगह बनाने की भरपूर कोशिश की, लेकिन प्रीमियम SUV सेगमेंट में यह पूरी तरह फ्लॉप साबित हुई। पूरे साल 2025 में इसकी केवल 5 यूनिट ही बिकीं — यह आंकड़ा भारतीय ऑटोमोबाइल इंडस्ट्री में अब तक के सबसे कम बिक्री रिकॉर्डों में से एक है।

2025 कीमत और फीचर्स

मूल कीमत: 40.02 लाख रुपये (एक्स शोरूम)

GST के बाद संशोधित कीमत: 37.32 लाख रुपये (एक्स शोरूम)

कीमत में कटौती: 2.7 लाख रुपये

Citroen ने GST लाभ के बाद C5 Aircross की कीमत में 2.7 लाख रुपये की कटौती की। इसके बावजूद ग्राहकों ने इसे नकार दिया। C5 Aircross में कंफर्ट-ओरिएंटेड सस्पेंशन, फ्रेंच डिज़ाइन फिलॉसफी और बड़ा केबिन जैसे फीचर्स मिलते हैं। यूरोप में यह गाड़ी काफी लोकप्रिय है, लेकिन भारत में यह अपनी पहचान नहीं बना पाई।

2025 फ्लॉप होने की वजह

2025 C5 Aircross के फ्लॉप होने की सबसे बड़ी वजह Jeep Compass है जिसकी शुरुआती कीमत मात्र 18 लाख रुपये (बेस मॉडल) है। Compass बेहतर ऑफ-रोड क्षमता, ज़्यादा ब्रांड वैल्यू और किफायती कीमत के साथ आती है। Citroen का ब्रांड भारत में अभी भी नया है और इस सेगमेंट में ग्राहकों का भरोसा जीतना बेहद मुश्किल है।

  • Jeep Compass से कड़ी प्रतिस्पर्धा
  • भारत में Citroen की कमज़ोर ब्रांड पहचान
  • 37 लाख रुपये की कीमत पर बेहतर विकल्प मौजूद
  • सर्विस नेटवर्क की सीमित उपलब्धता

 

2. 2025 Kia EV9 — CBU इम्पोर्ट ने बनाई राह कठिन (20 यूनिट)

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों में Kia EV9 का नाम भी शामिल है। यह तीन रो वाली इलेक्ट्रिक SUV टेक्नोलॉजी और लग्जरी से भरपूर है, लेकिन इसकी बिक्री महज 20 यूनिट तक ही सिमट कर रह गई।

कीमत और स्पेसिफिकेशन

कीमत: 1.30 करोड़ रुपये (एक्स शोरूम)

इम्पोर्ट तरीका: CBU (Completely Built Unit)

प्रतिद्वंद्वी: Mercedes-Benz EQS SUV 450

Kia EV9 एक प्रीमियम थ्री-रो इलेक्ट्रिक SUV है जो भारत में कम्पलीट बिल्ड यूनिट (CBU) के रूप में आती है। CBU इम्पोर्ट की वजह से इस पर भारी कस्टम ड्यूटी लगती है, जिससे इसकी कीमत 1.30 करोड़ रुपये तक पहुंच जाती है।

2025 इतनी कम बिक्री क्यों?

2025 जब कीमत 1 करोड़ रुपये से ऊपर जाती है, तो भारतीय ग्राहक आमतौर पर Mercedes-Benz, BMW या Audi जैसे स्थापित लग्जरी ब्रांड की तरफ रुख करते हैं। Kia को भारत में अभी भी एक प्रीमियम ब्रांड माना जाता है, लेकिन लग्जरी सेगमेंट में इसकी साख उतनी मज़बूत नहीं है जितनी यूरोपीय ब्रांड्स की। EQS SUV जैसे प्रतिद्वंद्वी की समान कीमत पर मिलना भी एक बड़ा कारण है।

  • 30 करोड़ की ऊंची कीमत
  • CBU इम्पोर्ट से भारी टैक्स बोझ
  • लग्जरी सेगमेंट में Kia की सीमित ब्रांड वैल्यू
  • Mercedes-Benz EQS SUV से सीधी टक्कर

 

3. Jeep Grand Cherokee — डीजल न होना पड़ा भारी (92 यूनिट)

अमेरिकी ऑटो ब्रांड Jeep का Grand Cherokee भारत में 2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों में तीसरे नंबर पर रहा। इसकी सिर्फ 92 यूनिट बिकीं, जो किसी भी प्रीमियम SUV के लिए बहुत कम आंकड़ा है।

कीमत और इंजन

कीमत: 63 लाख रुपये (एक्स शोरूम)

इंजन: 2.0 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल

पावर: 272 bhp

टॉर्क: 400 Nm

Jeep Grand Cherokee में 2 लीटर का पेट्रोल इंजन दिया गया है जो 272 bhp की पावर और 400 Nm का टॉर्क जनरेट करता है। सड़क पर चलाने में यह बेहद आरामदायक है और इसमें आधुनिक गाड़ियों की तरह फीचर्स की भरमार है।

डीजल न होना बना सबसे बड़ी कमज़ोरी

भारत में कई ग्राहक रफ-टफ और मज़बूत गाड़ियों में डीजल इंजन की उम्मीद रखते हैं। डीजल इंजन से टॉर्क ज़्यादा मिलता है, माइलेज बेहतर होती है और लंबे सफर के लिए यह ज़्यादा किफायती होता है। Grand Cherokee में डीजल का न होना इसकी सबसे बड़ी कमज़ोरी है। इसके अलावा, 63 लाख की कीमत पर Toyota Fortuner और Ford Endeavour जैसे भरोसेमंद विकल्प भी मौजूद हैं।

  • डीजल इंजन का अभाव
  • 63 लाख में बेहतर प्रतिद्वंद्वी उपलब्ध
  • Jeep का सर्विस नेटवर्क अपेक्षाकृत कमज़ोर
  • पेट्रोल इंजन पर रनिंग कॉस्ट ज़्यादा

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां: एक की सिर्फ 7 यूनिट बिकीं, ये लिस्ट चौंका देगी!

4. Volkswagen Tiguan R-Line — कीमत घटाने के बाद भी मात्र 339 यूनिट

जर्मन ब्रांड Volkswagen की कारें परफॉर्मेंस के लिए जानी जाती हैं। ग्राहक इनके ब्रांड को पसंद करते हैं। बावजूद इसके पिछले साल लॉन्च हुई Tiguan R-Line 2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों की लिस्ट में चौथे स्थान पर रही।

कीमत और स्पेसिफिकेशन

कीमत: 45.73 लाख रुपये (GST कटौती के बाद)

GST कटौती: 3.27 लाख रुपये

इंजन: 2.0 लीटर टर्बोचार्ज्ड पेट्रोल

पावर: 201 bhp

टॉर्क: 320 Nm

Volkswagen ने GST रिडक्शन का फायदा ग्राहकों को देते हुए Tiguan R-Line की कीमत में 3.27 लाख रुपये की बड़ी कटौती की। इसके बाद भी इसकी सिर्फ 339 यूनिट ही बिक सकीं।

फ्लॉप होने की वजह

46 लाख रुपये के बजट में भारतीय ग्राहक अब Hyundai Tucson, Jeep Meridian, MG Gloster और यहां तक कि Kia Carnival जैसे विकल्पों की तरफ देख रहे हैं। Tiguan का इंटीरियर प्रीमियम है, लेकिन इस कीमत पर इसका मुकाबला करना मुश्किल हो गया है। Volkswagen की सर्विस कॉस्ट भी इसे महंगी बनाती है।

  • 45 लाख+ की कीमत पर कड़ा मुकाबला
  • Volkswagen की ऊंची सर्विस और मेंटेनेंस लागत
  • इस बजट में ज़्यादा स्पेशियस विकल्प उपलब्ध
  • ब्रांड की सीमित मार्केटिंग

 

5. Honda City — मिडसाइज सेडान में सबसे नीचे

Honda City एक समय पर भारत की सबसे ज़्यादा बिकने वाली गाड़ियों में से एक थी। मिडसाइज सेडान सेगमेंट में इसका दबदबा था। लेकिन 2025 में यह न सिर्फ Honda का सबसे कम बिकने वाला मॉडल रही, बल्कि पूरे मिडसाइज सेडान सेल्स चार्ट में भी सबसे नीचे रही।

गिरावट की वजह

मार्केट में Hyundai Verna, Volkswagen Virtus और Skoda Slavia जैसे मज़बूत प्रतिद्वंद्वियों ने Honda City की जगह ले ली। ये सभी गाड़ियां लगभग उसी प्राइस रेंज में आती हैं। City का लास्ट फेसलिफ्ट 2023 में आया था, जिसके बाद इसके डिज़ाइन और फीचर्स पुराने लगने लगे हैं।

  • Hyundai Verna से कड़ी टक्कर
  • Volkswagen Virtus का बेहतर ड्राइविंग अनुभव
  • Skoda Slavia का प्रीमियम इंटीरियर
  • 2023 के बाद कोई बड़ा अपडेट नहीं

उम्मीद है कि 2026 में Honda City का नया फेसलिफ्ट आएगा, जो इसे एक बार फिर मार्केट में प्रासंगिक बना सके। Honda ने हमेशा अपनी गाड़ियों में रिफाइनमेंट और रिलायबिलिटी को प्राथमिकता दी है, लेकिन अब उन्हें फ्रेश डिज़ाइन और नए फीचर्स के साथ वापसी करनी होगी।

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां: एक की सिर्फ 7 यूनिट बिकीं, ये लिस्ट चौंका देगी!

6. इन गाड़ियों के फ्लॉप होने की साझा वजहें

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों को देखें तो इनमें कुछ साझा समस्याएं नज़र आती हैं। चाहे वो Citroen C5 Aircross हो, Kia EV9 हो, Jeep Grand Cherokee हो या Tiguan R-Line — सभी ने एक जैसी चुनौतियों का सामना किया।

1. कीमत बनाम प्रतिद्वंद्वी

इनमें से कई गाड़ियों की कीमत उनके प्रतिद्वंद्वियों की तुलना में ज़्यादा थी, जबकि फीचर्स और परफॉर्मेंस में बड़ा अंतर नहीं था। भारतीय ग्राहक वैल्यू-फॉर-मनी को बहुत महत्व देते हैं।

2. ब्रांड ट्रस्ट का अभाव

Citroen और Kia जैसे ब्रांड भारत में अभी भी अपनी जगह बना रहे हैं। प्रीमियम सेगमेंट में ग्राहक उन ब्रांड्स को प्राथमिकता देते हैं जिनकी सर्विस, रिसेल वैल्यू और भरोसेमंद ट्रैक रिकॉर्ड हो।

3. इंजन ऑप्शन की कमी

Jeep Grand Cherokee का उदाहरण बताता है कि भारत में डीजल इंजन की मांग अभी भी बनी हुई है, खासकर प्रीमियम और ऑफ-रोड SUV सेगमेंट में। बिना डीजल इंजन के इस सेगमेंट में टिके रहना मुश्किल है।

4. सर्विस नेटवर्क की सीमाएं

बड़े शहरों के बाहर इन ब्रांड्स का सर्विस नेटवर्क काफी सीमित है। मेंटेनेंस के दौरान परेशानी और पार्ट्स की अनुपलब्धता ग्राहकों को हतोत्साहित करती है।

 

7. भारतीय कार बाज़ार का बदलता मिज़ाज

भारतीय ऑटोमोबाइल बाज़ार 2025 में तेज़ी से बदल रहा है। SUV सेगमेंट में ग्राहकों की दिलचस्पी बढ़ रही है, लेकिन सेडान और प्रीमियम इम्पोर्टेड SUV का बाज़ार सिकुड़ रहा है। Maruti, Hyundai, Mahindra और Tata ने किफायती कीमतों पर धाकड़ SUVs उतारकर बाज़ार का बड़ा हिस्सा कब्जा कर लिया है।

इलेक्ट्रिक वाहनों की बात करें तो Tata और Mahindra की EVs ज़्यादा बिक रही हैं क्योंकि इनकी कीमतें किफायती हैं और सर्विस नेटवर्क मज़बूत है। Kia EV9 जैसी महंगी EVs के लिए अभी भारतीय बाज़ार तैयार नहीं दिखता।

सेडान का घटता बाज़ार

Honda City का फ्लॉप होना इस बात का सबूत है कि भारत में सेडान का दौर अब धीरे-धीरे खत्म हो रहा है। ग्राहक SUV की ऊंची सीटिंग पोज़िशन, बेहतर रोड क्लियरेंस और स्पेशियस केबिन को प्राथमिकता दे रहे हैं।

प्रीमियम सेगमेंट की चुनौती

40 लाख से ऊपर के बजट में भारतीय ग्राहक अब बेहद सोच-समझकर खरीदारी करते हैं। इस रेंज में वे या तो जाने-माने लग्जरी ब्रांड (Mercedes, BMW, Audi) को चुनते हैं या फिर Mahindra XEV 9e, Hyundai Ioniq 6 जैसी घरेलू प्रीमियम गाड़ियों की तरफ जाते हैं।

 

8. निष्कर्ष

2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियों की यह लिस्ट हमें भारतीय बाज़ार की कुछ ज़रूरी सच्चाइयां बताती है। Citroen C5 Aircross की केवल 5 यूनिट बिक्री हो या Kia EV9 की 20 यूनिट — ये आंकड़े बताते हैं कि भारत में कोई भी ब्रांड सिर्फ प्रोडक्ट की क्वालिटी के दम पर सफल नहीं हो सकता।

सफलता के लिए ज़रूरी है: सही कीमत, भरोसेमंद ब्रांड वैल्यू, मज़बूत सर्विस नेटवर्क और भारतीय ग्राहकों की ज़रूरतों को समझना। जो ब्रांड इन चारों पर खरे उतरते हैं, वही भारत में लाखों गाड़ियां बेच पाते हैं।

अगर आप भी 2025 में गाड़ी खरीदने की सोच रहे हैं, तो इस लिस्ट से सबक लेते हुए अपनी ज़रूरत, बजट और ब्रांड की रिसेल वैल्यू को ध्यान में रखकर ही फैसला करें।

 2025 में सबसे कम बिकने वाली गाड़ियां,

Citroen C5 Aircross,

Kia EV9,

Jeep Grand Cherokee,

Join WhatsApp

Join Now

Leave a Reply